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लाडो अभियान

योजना के बारे मे :

मध्यप्रदेश देश में प्रथम राज्य है, जिसने बाल विवाह के रोकथाम हेतु 2013 में लाडो अभियान प्रारंभ किया गया । लाडो अभियान का मुख्य उद्देश्य -जनसमुदाय की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव के साथ बाल विवाह जैसी कुरीति को सामुदायिक सहभागिता से समाप्त करना है । अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला, खण्ड, स्कूल, ग्राम स्तरीय एंव सेवा प्रदाताओं की कार्यशाला का आयोजन कर उपस्थित प्रतिभागियों को अभियान के प्रति संवेदनशील बनाना है । साथ ही विभिन्न माध्यमों जैसे -सेवा प्रदाताओं के दुकानों एंव प्रमुख स्थानों पर दीवार लेखन, जागरूकता रेली , रथ यात्रा, शासकीय /धार्मिक कार्यक्रमों में बाल विवाह न करने की शपथ, जिंगल, डाक्यूमेन्ट्री , नुक्कड नाटक, होर्डिग एवं दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञापन के द्वारा प्रचार-प्रसार कर आमजन तक लाडो अभियान के संदेश को पहूचाने का प्रयास किया जाता है । यह अभियान बाल विवाह प्रतिशेध अधिनियम -2006 के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं एवं 21 वर्ष से कम आयु के बालकों के बाल विवाह कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में महती भूमिका निभाता है ।

♦ लाडो अभियान अंन्तर्गत बाल विवाह को रोकने हेतु प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2014 में लोक प्रशासन के उत्कृष्ठ कार्य हेतु ”प्रधानमंत्री पुरस्कार“ से सम्मनित किया गया ।

♦ भारत सरकार द्वारा लाडो अभियान के क्रियान्वयन के अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए लाडो अभियान को अन्तराष्ट्रीय” कामनवेल्थ एसोसिएशन फॉर एडमिनिस्ट्रेशन एण्ड मैनेजमेन्ट ^^CAPAMß के अंन्तर्गत सिटिजन फोकस इनोवेशन में CAPAM पुरस्कार से वर्ष 2016 में सम्मानित किया गया ।

♦ म.प्र. के लाडो अभियान अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम के क्रियान्वयन को हरियाणा, त्रिपुरा व असम के राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के द्वारा फील्ड विजिट कर सराहा गया ।

♦ एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (ASCI) हैदराबाद के द्वारा भारत सरकार के निर्देशानुसार लाडो अभियान को अन्य राज्यों में क्रियान्वित करने के संबध में स्टडी करायी गयी थी । (ASCI) हैदराबाद द्वारा की गई स्टडी में लाडो अभियान का प्रशंसा की एवं राष्ट्रीय स्तर की बैठकें में सराहना करते हुए अपने अनुभवों को सांझा किया ।

♦ लाडो अभियान अंन्तर्गत विवाह में सेवा देने वाले सेवा प्रदाताओं धर्मगुरू, मैरिज गार्डन/धर्मशाला, बैण्ड वाले, केटरिंग, ब्यूटी पार्लर, सैलून, प्रिन्टिग प्रेस, समाज के मुखिया आदि के बाल विवाह में सेवायें न देने के लिए सहयोग लिया जा रहा है एवं उनकी दुकानों/स्थलों में ”बाल विवाह कानून अपराध है, हम सेवाप्रदाता बाल विवाह का विरोध करते है, संबधी दीवार लेखन करवाया गया है ।

♦ बाल विवाह रोकथाम में बच्चों को ब्रान्ड एंम्बेसडर बनाकर उनका सहयोग लिया जा रहा है । ब्रान्ड एम्बेसडर के प्रयासों से बच्चों के द्वारा स्वयं का एंव क्षेत्र के अन्य बच्चों के बाल विवाह रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी जा रही है ।

♦ लाडो अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से जहाँ एएचएस 2012-13 में बाल विवाह 42 प्रतिशत होते थे वहीं एनएफएचएस 4 के अनुसार 2015-2016 में बाल विवाह की दर 12 प्रतिशत कम होकर 30 प्रतिशत हो गयी है ।